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"प्लीज़ सोइए मत, हमें आपकी ज़रूरत है", स्मित मच्छार की जान बचाने वाले डेंटिस्ट ने बताया, कॉकपिट में क्या क्या हुआ था

 Written By: Kajal Kumari
 Published : Oct 07, 2026 07:09 am IST,  Updated : Oct 07, 2026 08:31 am IST

फ्लाईदुबई की फ्लाइट की कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर ओमानी को पायलट ने हमला कर दिया था। उनकी जान बचाने वाले डेंटिस्ट ने बताया कैसा था मंजर, कैसे बचाई कैप्टन की जान?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था- India TV Hindi
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था

फ्लाईदुबई फ्लाइट की कॉकपिट में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने विमान उड़ा रहे पायलट स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला किया था। उनकी जान बचाने वाले डेंटिस्ट ने बताया कि कैसे उनकी जान बचाई। एबीसी न्यूज में इज़राइली डेंटिस्ट के बयान के मुताबिक, तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ़्लाइट में घायल कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले के बाद फ़्लाइट में मौजूद उस डेंटिस्ट ने उनके सिर और हाथ से हो रहे तेज़ खून के बहाव को रोकने के लिए 45 मिनट तक इलाज किया। बताया जा रहा है कि यह हमला 170 से ज़्यादा यात्रियों वाले विमान को क्रैश करने की कोशिश थी।

कॉकपिट में क्या क्या हुआ

इज़राइल में रहने वाले जॉर्जियाई डेंटिस्ट डॉ. शुता मुसाएव ने बताया कि कॉकपिट मे आ रही चीखें सुनकर वे तुरंत आगे बढ़े, हमलावर को काबू करने में मदद की और फिर बुरी तरह घायल पायलट का इलाज शुरू किया। उन्होंने कहा, मैं सोच रहा था कि इस स्थिति में सभी (यात्रियों) की मदद कैसे करूं? मैं कैसे मदद कर सकता हूँ? और मैंने देखा कि एक पायलट ज़मीन पर पड़ा था और... खून बह रहा था।" एक और यात्री, यानीव हायुन ने संदिग्ध हमलावर को कॉकपिट से बाहर निकाला, विमान को अपने नियंत्रण में लिया और उसे सीधा किया, जिसके बाद तीसरे पायलट ने उड़ान की कमान संभाली।

कैप्टन स्मित मच्छार की हालत कैसी थी
मुसायेव ने बताया कि हमलावर पर काबू पाने के बाद, उन्होंने अपना पूरा ध्यान घायल कैप्टन मच्छार पर लगाया, जिनके सिर, गर्दन और हाथों पर लगी चोटों से खून बह रहा था। तेल अवीव के दक्षिण में होलोन से 'द नेशनल' से बात करते हुए उन्होंने कहा, "उनके सिर और बाएं हाथ से बहुत ज़्यादा खून बह रहा था।" उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने खून रोकने के लिए टी-शर्ट से दबाव डाला, लेकिन खून बहना बंद नहीं हुआ। उन्होंने कहा, " तब मैंने स्टीवर्ड्स से बर्फ़ मांगी।"

डेंटिस्ट ने कैसे बचाई जान
उन्हें बहुत गहरे घाव थे और हमें कई आइस पैकेट की ज़रूरत पड़ी। लेकिन जब भी मैं ब्लीडिंग चेक करने के लिए टी-शर्ट हटाता, तो खून और ज़्यादा बहने लगता। इसलिए मैंने बर्फ़ से पूरे 45 मिनट तक हल्का दबाव बनाए रखा। मैं कैप्टन को होश में रखने के लिए उनसे बात करता रहा। मैंने कहा, "मैंने उनसे कहा, 'प्लीज़ सोइए मत, हमें आपकी ज़रूरत है।' मैंने उनसे पूछा कि उनके कितने बच्चे हैं और उनके नाम क्या हैं। मैं उनसे कहता रहा, डरो मत, तुम अपने परिवार के पास वापस जाओगे, हम जल्द ही लैंड करने वाले हैं।'"

मूसायेव के अनुसार, पायलट ने अपना नाम और उम्र बताई, कहा कि वे दुबई में रहते हैं और भारत से हैं, फिर उन्होंने दर्द से राहत के लिए मदद मांगी। मूसायेव ने कहा कि उन्होंने कैप्टन से कहा, "सब ठीक हो जाएगा। उन्होंने मुझसे कहा, 'प्लीज़ मेरी मदद करो। प्लीज़ मेरी मदद करो। मैं यहां मरना नहीं चाहता। मूसायेव ने आगे कहा, "उन्हें बुरी तरह चोट लगी थी और वे कहते थे, 'मुझे अपने हाथों में गर्मी महसूस हो रही है।' मैं उनसे कहता रहा कि वे ठीक हो जाएंगे।"

कॉकपिट में मची थी अफरातफरी
मुसायेव ने बताया कि मच्छार कॉकपिट के फ़र्श पर लेटे हुए थे और एक समय उन्हें एहसास हुआ कि प्लेन नीचे उतर रहा है, इसलिए उन्होंने कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने की "एक आखिरी कोशिश" की थी। जब उनकी हालत बिगड़ने लगी, तो मुसायेव ने कैप्टन की पल्स (नब्ज़) वापस लाने में मदद के लिए उनके पैर ऊपर उठाए। उन्होंने कहा, "एक समय उनकी पल्स बहुत कम हो गई थी, इसलिए मैंने उनके पैर ऊपर उठाए और पल्स वापस आ गई। जब मैंने देखा कि उनके होंठ नीले पड़ गए हैं, तो मैंने स्टीवर्ड से कहा, हमें जल्दी लैंड करना होगा। उनके पास ज़्यादा समय नहीं बचा है'।"

पेन किलर मांग रहे थे स्मित मच्छार
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में मच्छार पेनकिलर (दर्द की दवा) मांगते हुए दिख रहे हैं, लेकिन मुसायेव ने बताया कि उन्होंने उन्हें सिर्फ़ थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाया और दवा देने से मना कर दिया क्योंकि ज़्यादा ब्लीडिंग का खतरा था। "वह पीठ के बल लेटे हुए थे और मैंने उन्हें उठाने में हिचकिचाहट दिखाई क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि दोबारा ब्लीडिंग हो। उन्हें हिलाना या दवा देना खतरनाक हो सकता था। स्टीवर्ड उन्हें दवा देना चाहते थे लेकिन मैं सहमत नहीं था।" उन्होंने बताया कि वह लगातार देखते रहे कि क्या कैप्टन बात कर रहे हैं, जाग रहे हैं, और उनकी पल्स व होंठों का रंग कैसा है।

प्लेन की लैंडिंग के बाद क्या हुआ
मूसायेव ने यह भी बताया कि जब तक प्लेन सऊदी अरब में उतरा, तब तक यात्रियों का एक छोटा समूह प्लेन में और आतंकवादियों की तलाश कर रहा था। ज़मीन पर उतरने के बाद, उन्होंने मच्छार को डॉक्टरों को सौंप दिया और उनसे कहा, "गुड लक, मेरे दोस्त। सब ठीक हो जाएगा।" मूसायेव ने बताया कि उसके बाद के दिनों में उन्हें और उनकी पत्नी को सदमे (पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस) का सामना करना पड़ा।

हमने उनकी जान बचाई, उन्होंने हमारी
उस घटना को याद करते हुए मूसायेव ने कहा, "स्मित ने हमारी जान बचाई। स्मित एक हीरो हैं और मेरे परिवार और सभी यात्रियों को बचाने के लिए उन्होंने जो कुछ भी किया, उसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं। यह कर्म है; उन्होंने हमारी जान बचाई और हमने उनकी जान बचाई।" यह घटनाक्रम बताता है कि प्लेन के उतरने और घायल कैप्टन को इलाज के लिए ले जाए जाने से पहले, प्लेन के अंदर यात्रियों और क्रू ने किस तरह प्रतिक्रिया दी थी।

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